दोस्तों, अपने धार्मिक यात्रा वृत्तांतों से अलग आज मैं आप लोगों को
भारत की व्यावसायिक राजधानी मुंबई जिसे मायानगरी भी कहा जाता है की जीवन
रेखा यानि मुंबई उपनगरीय रेल व्यवस्था (मुंबई लोकल) तथा उससे जुड़े मेरे
अनुभवों के बारे में बताना चाहता हूँ.
हमारी मुंबई यात्रा वस्तुतः मेरे तथा विशाल राठोड़ (जो घुमक्कड़ के एक
वरिष्ठ लेखक हैं) के परिवार की सम्मिलित तटीय कर्नाटक यात्रा (उडुपी –
कोल्लूर- मुरुदेश्वर- गोकर्ण) के परिणामस्वरूप थी. हमें अपनी कर्नाटक
यात्रा के लिए योजना के अनुसार पहले विशाल राठोड़ के घर मुंबई जाना था तथा
वहां से दोनों परिवारों को उडुपी के लिए प्रस्थान करना था.
अपने इस चार दिवसीय मुंबई प्रवास के दौरान मुंबई में हमने विशाल राठोड़
के मार्गदर्शन में उन्हीं के साथ मुंबई के कुछ चुनिन्दा दर्शनीय स्थलों का
भ्रमण तथा अवलोकन किया जैसे हाजी अली की दरगाह, सिद्धि विनायक मंदिर,
महालक्ष्मी मंदिर, तारापुरवाला एक्वेरियम, बांद्रा बेन्डस्टेंड, छत्रपति
शिवाजी टर्मिनस, ताजमहल होटल, गेटवे ऑफ़ इंडिया, बाबुलनाथ मंदिर,
मुकुटेश्वर मंदिर, इस्कोन मंदिर, एंटेलिया (मुकेश अम्बानी का निवास), मन्नत
(शाहरुख खान का निवास), जलसा तथा प्रतीक्षा (अमिताभ बच्चन के दोनों
निवास), बसेरा (रेखा का निवास), इम्पीरियल टॉवर्स तथा अन्य कई दर्शनीय
स्थल.
मुंबई लोकल का पहला सफ़र (मैं, विशाल, संस्कृति एवं शिवम्)